किसके लिए संजोते हो सपना , दुनिया की इस भीड़ में नहीं होता हैं कोई अपना.
देंगे दगा वही जिसे दिल में बसाते हो, करेंगे रुसवा वही जिनके लिए खुशियाँ जुटाते हो.
तुम पर नहीं, तुम्हारी शोहरत पर झुकते हैं लोग.
जो गिरोगे एक बार, तो रौंद कर निकल जायेंगे आगे .
भावना, प्यार, सम्मान का नहीं हैं यहाँ कोई मोल.
बस पैसो में तौले जाते हैं यहाँ रिश्तों के डोर.
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