दोष किसका?

देते रहे दोष औरो को, कभी परखा नहीं खुद को
जलने पर दोष देते हैं आग को
उसका तो काम है जलना, तुम्हें किसने कहा था उसके पास जाने को
दिल टूटने का रोना रोते हो, किसने कहा था तुम्हें दिल लगाने को
इस झूठी दुनिया में विश्वास की बात करते हो
बताओ भला क्या मरूस्थलों में भी फूल खिलते हैं
हैवानों से रखते हो उम्मीद इंसानियत की
बताओ किसका है दोष उनका या तुम्हारा?

Comments

Popular posts from this blog

दायरा

जिंदगी